A Love Proposal Poem

भरकर मुझे अपनी बाहों में,
ये दूरियाँ मिटा दे
एक ख्वाब जो मर चूका है,
उसे फिर मेरी पलको पे सजा दे
खोया रहू तेरी जुल्फों में,
वो शाम फिर से लौटा दे
एक बात अधूरी रह गयी है,
ज़िन्दगी की कशमकश में
लौट इन सुनी रातों में,
और वो बात फिर से बना दे...
रातें तनहा कटती है,
तू जो दिल में बस्ती है
दिल को तेरे एहसास से ही सुकून है,
मेरी रगों में तेरी यादों का थोडा लहूँ मिला दे
तू ही ज़िन्दगी मेरी और तू ही साया है,
सारी दुनिया भूलकर सिर्फ तुझे अपनाया है
मैं तेरे लिये सारी दुनिया छोड़ आया हूँ,
तू थोड़ी सी तो मुझे अपने दिल में जगह दे

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