Ae Humnava | Humari Adhuri Kahani


ऐ हमनवा,
थोड़ा प्यार जता दे,
सूखी पड़ी है दिल की जमीं,
थोड़ा इश्क बरसा दे ♥♥

अगर मुश्किल है लब्जों में,
तो आँखों से बता दे,
ढूँढता हूँ मैं तुझे हर कहीं,
मुझे तेरे दिल का पता दे ♥♥

डूबना ही अगर इश्क है,
तो मुझे और डूबा दे,
मगर छूकर तेरे लबों से,
ये दर्द-ए-दिल मिटा दे ♥♥

एक जख्म है दिल में कहीं,
तेरी ठंडी साँसों से सहला दे,
मेरे हर पल में तू है,
मुझे थोड़ी तेरी दिल में जगह दे ♥♥

तनहा ही हूँ तुझ बिन,
मुझे यूँ ना सजा दे,
दो पल शिकवे मिटा दे ज़िन्दगी के,
और तेरा हाथ बढ़ा दे ♥♥

तोड़ दे सारी हदें,
मुझे गले से लगा ले,
मरहम सा है तेरा मुस्कुराहना,
तड़प दिल की मिटा दे ♥♥

ऐ हमनवा,
मुझे अपना बना ले,
बंजारा हूँ इश्क में तेरे,
मुझे तेरी बाहों में पनाह दे ♥♥



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